मरी पत्नी और बेटी को ज़िंदा करने के लिए एड्रियन मौत के दूत से सौदा करता है और 10 साल तक विक्टोरिया का नाममात्र पति बनकर अपमान सहता है। विक्टोरिया का लौटे पूर्व प्रेमी उसे फँसाकर बेरहमी से यातना देता है। आखिर करार पूरा होते ही एड्रियन उसकी आँखों के सामने रोशनी में विलीन हो जाता है, और विक्टोरिया पछतावे के अंतहीन अंधेरे में टूट जाती है।