अंधी राजकुमारी शिल्या को सिर्फ अपनी गॉडमदर हेलेना पर भरोसा है—वही जिसने उसे चुपके से अंधा किया और उसके माता-पिता को मारकर उसकी बेदाग़ त्वचा चुरानी चाही। 21वें जन्मदिन पर सच फट पड़ता है। शिल्या मासूम बनकर औषधि पीती है और भाग निकलती है—तभी वह नौ-सिर वाला नाग, जिसे उसने कभी बचाया था, दीवारें तोड़कर उसकी ढाल बन जाता है। बदला अब चल पड़ा है।